पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही जमकर बर्फबारी
बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं की वजह से ठिठुरन बढ़ी
बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिल रहा
रुद्रप्रयाग। ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। धाम सहित आसपास के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 24 घंटे से अधिक समय से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बर्फबारी के चलते बाबा केदारनाथ की नगरी ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। मंदिर परिसर से लेकर आसपास की चोटियां और पहाड़ियां बर्फ से ढक गई हैं। बर्फबारी के बाद केदारपुरी का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बन रहा है। वहीं केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं की वजह से ठिठुरन बढ़ गई है।
हिमालयी क्षेत्र में लगातार बदल रहे मौसम के मिजाज से तापमान में भारी गिरावट आई है। कड़ाके की ठंड के चलते केदारनाथ धाम में ठिठुरन बढ़ गई है। बारिश और बर्फबारी के बीच धाम में मौजूद कर्मचारियों, पुलिस जवानों और अन्य व्यवस्थाओं में जुटे कार्मिकों को भी विषम मौसमी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए भी मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बर्फबारी के बाद केदारनाथ धाम का नजारा बेहद खूबसूरत बन हुआ है। वहीं बर्फबारी के बाद केदार धाम में ठंड भी बढ़ गई है। वहीं धाम की पहाड़ियों पर चारों ओर बर्फ नजर आ रही है और बर्फबारी के बाद पहाड़ियां चांदी से चमक रही है।
उल्लेखनीय है कि आगामी 11 नवंबर को भैयादूज पर्व पर विधि-विधान के साथ भगवान केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी। इसके बाद आगामी छह माह तक बाबा केदार की शीतकालीन पूजा-अर्चना यहीं संपन्न होगी।
केदारनाथ धाम में 24 घंटे से अधिक समय से बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण संपूर्ण क्षेत्र में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।
विनीत पोस्ती ने कहा कि मौसम के बदले मिजाज और बढ़ती ठंड को देखते हुए केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु विशेष सावधानी बरतें। यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालु अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, जरूरी दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री अवश्य लेकर आएं, ताकि प्रतिकूल मौसम में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
