खतपट्टी कोरू के ग्रामीणों ने लिया कड़ा फैसला
कानूनी लड़ाई में मदद करने वाले पर खत पट्टी लगाएगी 5 लाख जुमार्ना
विकासनगर। 8 अक्टूबर को देहरादून जिले में कालसी ब्लॉक के कचटा गांव में एक महिला की उसके पति ने धारदार हथियार दरांती से गर्दन में वार करके निर्मम हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद आरोपी पति मनोज मौके से फरार हो गया था। घटना के दूसरे दिन ग्रामीणों ने उसे गांव के करीब एक छानी से पकड़ कर राजस्व पुलिस के हवाले किया था। राजस्व पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उस पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। अब इलाके के लोगों ने बैठक करके बड़ा फैसला लिया है।
कालसी के कचटा गांव में पति द्वारा महिला की हत्या की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। घटना का कारण आपसी झगड़ा बताया जा रहा है। 24 साल के मनोज ने 22 साल की नीलू उर्फ नीलम से सिर्फ तीन साल पहले शादी की थी। इस घटना को लेकर खतपट्टी कोरू के ग्रामीणों ने बैठक की।
खत कोरू की एक खुली बैठक में सोमवार को हुई। बैठक में इस दर्दनाक हत्या की घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया है। बैठक की अध्यक्षता सुनील दत्त जोशी स्याणा (खत कोरू के सदर स्याणा) द्वारा की गई। इस जघन्य अपराध के बाद खत की सामूहिक बैठक में परिवारजनों ने यह बात कबूल की है कि इस पूरे मामले में आरोपी परिवार का कोई भी सदस्य पैरवी, गवाही या जमानत में कोई सहयोग नहीं करेगा। साथ ही, कानून से भी यह अपील की गई है कि दोषी को सख्त से सख्त (फांसी की) सजा मिले।
खत के लिए गए कड़े निर्णय में कहा गया कि यदि खत कोरू का कोई भी व्यक्ति या दोषी के परिवार की ब्याही हुई लड़कियां व अन्य रिश्तेदार इस कानूनी लड़ाई में आरोपी की मदद करेंगे, तो उन पर खत के 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें खत से बहिष्कृत कर दिया जाएगा। यदि भविष्य में दोषी किसी कारणवश अपनी पैरवी से छूट भी जाता है, तब भी वह कभी अपने परिवार, गांव और खत (क्षेत्र) में प्रवेश नहीं कर पाएगा। बैठक में खतपट्टी के 17 गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे। सदर स्याणा सुनील जोशी, वीरेन्द्र सिंह, माया सिंह, हाकम सिंह, केदार सिंह, बलिया, विक्रम आदि मौजूद रहे।
खत कोरू के सदर स्याणा ने बताया कि कचटा गांव में महिला की हत्या बहुत दर्दनाक घटना है। हम सभी लोग इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम पहाड़ के शांतिप्रिय लोग हैं। आगे से कोई इस तरह की घटना न कर सके इसलिए हमने आरोपी के खिलाफ कड़ा फैसला लिया है। उसका सामाजिक बहिष्कार किया है। हमारे समाज में हत्या करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उसकी मदद करने वालों पर भी हम कार्रवाई करेंगे। हम नहीं चाहते कि हमारे लोग हिंसक बनें।
देहरादून जिले के जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र में अपनी अलग परम्परा और संस्कृति है। यहां कोई भी बड़ा निर्णय लेने के लिए खत का सदर स्याणा मुखिया के नेतृत्व में खत पट्टी के प्रत्येक गांव में स्याणा के चौकीदार द्वारा सूचना दी जाती है। किसी घटना या समाज से जुड़े मामले पर चर्चा कर सबकी सहमति से अंतिम निर्णय लिया जाता है। क्षेत्र में महिलाओं को बड़ा सम्मान दिया जाता है।
