उत्तरकाशी । पिछले पांच दिन पूर्व केदारताल ट्रैक पर गए पश्चिम बंगाल सहित उत्तर प्रदेश के सात ट्रैकर्स और एक गाइड ट्रैक पर भारी हिमस्खलन के कारण भोजखड़क में फंस गए थे। उनके साथ तीन पोर्टर और एक कुक थे जो सुरक्षित आ गए थे। उन्होंने गंगोत्री नेशनल पार्क के अधिकारियों को इसकी सूचना दी थी।
उत्तरकाशी के केदारताल क्षेत्र में लापता सात ट्रैकर्स और एक गाइड की तलाश में एसडीआरएफ का सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के चलते तलाशी अभियान में कठिनाइयां आ रही हैं। ऐसे में हेलीकॉप्टर की मदद से क्षेत्र की हवाई रेकी कराई गई।
एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर लापता लोगों की तलाश के लिए विशेष पर्वतारोहण टीम को अभियान में लगाया गया है। इससे पहले एसडीआरएफ की गंगोत्री टीम के जवानों ने केदारताल क्षेत्र में पहुंचकर रेकी की थी, लेकिन अत्यधिक बर्फबारी और विषम परिस्थितियों के कारण सर्च अभियान को आगे बढ़ाना मुश्किल हो रहा था।इसी के मद्देनजर एसडीआरएफ के हेड कांस्टेबल रवि चैहान और कांस्टेबल दीपक पंत हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचे। इसके बाद हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारताल क्षेत्र की दो बार सघन हवाई रेकी की गई। हालांकि, इस दौरान लापता ट्रैकर्स या उनके टेंट आदि के कोई स्पष्ट दृश्य संकेत नहीं मिल पाए।वहीं, अभियान को गति देने के लिए एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय से एक अतिरिक्त टीम आवश्यक रेस्क्यू और पर्वतारोहण उपकरणों के साथ रवाना कर दी गई है। परिस्थितियां अनुकूल होने पर यह टीम सर्च एवं रेस्क्यू अभियान को आगे बढ़ाएगी।
फिलहाल एसडीआरएफ संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर अभियान की आगामी रणनीति तैयार कर रही है। लापता सात ट्रैकर्स और एक गाइड की तलाश के लिए सभी संभावित प्रयास किए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मामले में बढ सकती हैं गिरधारी लाल साहू मुश्किलें
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मामले में उनके पति गिरधारी लाल साहू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मामले की जांच कर रही देहरादून पुलिस ने उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है। अब तक गिरधारी लाल साहू पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं. ऐसे में पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने का अल्टीमेटम दिया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने स्पष्ट किया है कि लगातार तीन नोटिस देने के बाद भी यदि गिरधारी लाल साहू पेश नहीं होते हैं तो पुलिस नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है। एसआईटी शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों और उनसे जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के बयान दर्ज कर चुकी है। गिरधारी लाल साहू को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा गया है। एसएसपी के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की पड़ताल के लिए एसआईटी देहरादून के अलावा उत्तर प्रदेश के बरेली तक पहुंची। टीम ने गिरधारी लाल साहू से जुड़े ठिकानों पर जाकर शिकायत से संबंधित दस्तावेज और संपत्ति से जुड़ी जानकारियां जुटाईं। पुलिस बरेली से मिले दस्तावेजों की सत्यता की भी जांच कर रही है। एसआईटी की ओर से गिरधारी लाल साहू को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया, लेकिन उनके पेश नहीं होने से उनका पक्ष दर्ज नहीं हो सका है।
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर उत्पीड़न समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए देहरादून के कैंट थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर जांच की जिम्मेदारी सौंपी। अब पुलिस गिरधारी लाल साहू को लगातार तीन नोटिस देकर जांच में शामिल होने का अवसर देगी। इसके बाद भी वह पेश नहीं होते हैं तो पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि हर प्रक्रिया कानून की प्रक्रिया से चलती है। अगर कोई समस्या पैदा हुई तो कानून की प्रक्रिया से समाधान होता है। मुझे लगता है कि जांच के अधीन है। अभी जांच चल रही है। उससे पहले किसी भी तरह की कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। साथ ही जांच पूरी होने तक धैर्य रखना चाहिए।
