By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Janhit Express

  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
© 2024 Janhit Express
Reading: पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक बन रहे ‘मीठा जहर’, वैज्ञानिकों ने जारी किया अलर्ट
Share
Notification
Aa

Janhit Express

Aa
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Janhit Express > Blog > स्वास्थ्य > पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक बन रहे ‘मीठा जहर’, वैज्ञानिकों ने जारी किया अलर्ट
स्वास्थ्य

पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक बन रहे ‘मीठा जहर’, वैज्ञानिकों ने जारी किया अलर्ट

Janhitexpress
Last updated: 2026/01/11 at 11:09 AM
Janhitexpress
Share
3 Min Read
पैक्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक बन रहे ‘मीठा जहर’, वैज्ञानिकों ने जारी किया अलर्ट
SHARE

आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में खान-पान की आदतें स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कई गंभीर बीमारियों की जड़ हमारी रोज़मर्रा की डाइट में छिपी है। खास तौर पर मीठे पेय पदार्थ—जैसे सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैकेट बंद जूस, फ्लेवर्ड मिल्क और एनर्जी ड्रिंक्स—सेहत पर चुपचाप लेकिन गहरा असर डाल रहे हैं।

टीवी और डिजिटल विज्ञापनों में इन ड्रिंक्स को ताकत, फुर्ती और स्टैमिना बढ़ाने वाला बताया जाता है। वर्कआउट के बाद थकान दूर करने या खेल के दौरान ऊर्जा पाने के लिए युवा वर्ग इन्हें तेजी से अपना रहा है। लेकिन डॉक्टरों की चेतावनी है कि यही आदत भविष्य में गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है, खासकर लिवर से जुड़ी समस्याओं की।

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इन पेय पदार्थों में अत्यधिक मात्रा में मिलाई गई शुगर होती है, जिसमें फ्रक्टोज प्रमुख है। फ्रक्टोज का मेटाबॉलिज्म सीधे लिवर में होता है। जब शरीर को जरूरत से ज्यादा फ्रक्टोज मिलता है, तो लिवर इसे फैट में बदलकर जमा करने लगता है। लंबे समय तक ऐसा होने से फैटी लिवर डिज़ीज़ का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, जो लोग रोज़ाना मीठे पेय का सेवन करते हैं, उनमें फैटी लिवर की आशंका सामान्य लोगों की तुलना में कहीं अधिक पाई गई है। यह बीमारी आगे चलकर स्टीटोहेपेटाइटिस जैसे गंभीर लिवर रोग में बदल सकती है, जिसमें लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि अधिक शुगर वाली डाइट शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस और सूजन को बढ़ाती है। समय के साथ यह सूजन लिवर में स्थायी घाव (स्कार टिश्यू) बना सकती है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

लिवर ही नहीं, मीठे पेय शरीर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। शोध के मुताबिक, नियमित रूप से कोल्ड ड्रिंक या शुगर ड्रिंक्स पीने से पेट की चर्बी, मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्यास बुझाने के लिए पानी, नारियल पानी या बिना शक्कर वाले प्राकृतिक पेय को प्राथमिकता दी जाए। छोटी-सी यह सावधानी भविष्य में बड़ी बीमारियों से बचा सकती है।

You Might Also Like

मौसम बदलते ही क्यों बढ़ जाते हैं सर्दी-जुकाम के मामले? जानिए इसके कारण और बचाव के उपाय

क्या आपके जोड़ों में भी है सूजन और असहनीय दर्द? शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना हो सकता है वजह

कैंसर बना वैश्विक चुनौती, युवाओं में बढ़ता खतरा चिंता का विषय

बढ़ता स्क्रीन टाइम बन रहा बच्चों की सेहत के लिए बड़ा खतरा

तीन हफ्ते से नहीं भर रहा मुंह का घाव? हो सकता है ओरल कैंसर का संकेत

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Janhitexpress January 11, 2026 January 11, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article खुटियाखाल में तेंदुए का हमला, महिला की मौत से गांव में दहशत खुटियाखाल में तेंदुए का हमला, महिला की मौत से गांव में दहशत
Next Article उत्तराखंड में सूखे जैसे हालात, कम बारिश-बर्फबारी से खेती, पर्यटन और पर्यावरण पर संकट उत्तराखंड में सूखे जैसे हालात, कम बारिश-बर्फबारी से खेती, पर्यटन और पर्यावरण पर संकट
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

स्कूल का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता- मुख्यमंत्री धामी
स्कूल का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता- मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड February 6, 2026
हरिद्वार केवल एक तीर्थस्थल नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
हरिद्वार केवल एक तीर्थस्थल नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
उत्तराखंड February 6, 2026
जन समस्याओं की अवहेलना हुई तो अफसर नपेंगे- रेखा आर्या
जन समस्याओं की अवहेलना हुई तो अफसर नपेंगे- रेखा आर्या
उत्तराखंड February 6, 2026
भीषण सड़क हादसा- बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी, 13 की मौत
भीषण सड़क हादसा- बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी, 13 की मौत
उत्तराखंड February 6, 2026
- Advertisement -
Ad imageAd image
//
देश -प्रदेश की सभी बड़ी और रोचक ख़बरें पढने के लिए हमसे जुड़े !
Click to Follow us!

पाठको की पसन्द

  • उत्तराखंड में मदरसों के लिए नए नियम लागू, अब धार्मिक शिक्षा देने के लिए प्राधिकरण से लेनी होगी मान्यता
  • गाजा के राफा में सो रहे लोगों पर इजरायली हमला, 37 लोगों की मौत, जानें क्या बोले जो बाइडेन

Important Link’s

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Sitemap

ताजा खबर

  • स्कूल का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता- मुख्यमंत्री धामी
  • हरिद्वार केवल एक तीर्थस्थल नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
  • जन समस्याओं की अवहेलना हुई तो अफसर नपेंगे- रेखा आर्या
Janhit ExpressJanhit Express
Follow US
Copyright @ 2024 Janhit Express, Managed By YDS
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • सम्पादकीय
  • मनोरंजन
  • सनातन
  • Videos
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?