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स्वास्थ्य

क्या रोजाना सेंधा नमक खाना सही है? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

Janhitexpress
Last updated: 2026/02/27 at 3:50 PM
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3 Min Read
क्या रोजाना सेंधा नमक खाना सही है? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
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भारतीय खानपान में नमक सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत से भी जुड़ा एक अहम तत्व है। पिछले कुछ समय में लोगों के बीच सेंधा नमक का चलन तेजी से बढ़ा है और इसे ज्यादा प्राकृतिक व हेल्दी विकल्प मानकर अपनाया जा रहा है। लेकिन क्या वाकई यह रोजाना के इस्तेमाल के लिए सही है? विशेषज्ञों की मानें तो इस ट्रेंड के पीछे कुछ ऐसे तथ्य भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।

आजकल फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के नाम पर कई लोग साधारण आयोडीन युक्त नमक की जगह पूरी तरह सेंधा नमक का इस्तेमाल करने लगे हैं। इसे शुद्ध और मिनरल्स से भरपूर मानकर लोग अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ इस बदलाव को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

फेमस न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सहरावत के अनुसार सेंधा नमक और आयोडीन युक्त नमक के बीच सबसे बड़ा अंतर आयोडीन की मौजूदगी का है। आयोडीन शरीर में थायराइड ग्रंथि के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी होता है। अगर शरीर को पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलता, तो थायराइड हार्मोन का निर्माण प्रभावित होता है।

आयोडीन की कमी से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ने लगता है, जिससे कब्ज, वजन बढ़ना, बालों का झड़ना, थकान और ठंड ज्यादा लगना जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में सेंधा नमक के बढ़ते उपयोग के साथ हाइपोथायरायडिज्म के मामलों में भी इजाफा देखा गया है।

अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि सेंधा नमक में कई जरूरी मिनरल्स होते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इन मिनरल्स की मात्रा बहुत कम होती है, जिसे हम सामान्य संतुलित आहार से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, जरूरत से ज्यादा किसी भी प्रकार का नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है।

डॉक्टरों का मानना है कि बिना किसी मेडिकल सलाह के आयोडीन युक्त नमक को पूरी तरह छोड़ देना सही नहीं है। दोनों तरह के नमक के अपने-अपने फायदे हैं, लेकिन संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है।

क्या रखें ध्यान में?
रोजमर्रा के उपयोग के लिए आयोडीन युक्त नमक को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है। सेंधा नमक का इस्तेमाल कभी-कभार या विशेष परिस्थितियों (जैसे व्रत) में किया जा सकता है। अगर किसी को थायराइड से जुड़ी समस्या है, तो नमक के सेवन में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)

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