By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Janhit Express

  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
© 2024 Janhit Express
Reading: हिमालय में बढ़ता खतरा: छोटे ग्लेशियर और आइसटोपी बन रहे नई आपदाओं के कारण
Share
Notification
Aa

Janhit Express

Aa
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Janhit Express > Blog > उत्तराखंड > हिमालय में बढ़ता खतरा: छोटे ग्लेशियर और आइसटोपी बन रहे नई आपदाओं के कारण
उत्तराखंड

हिमालय में बढ़ता खतरा: छोटे ग्लेशियर और आइसटोपी बन रहे नई आपदाओं के कारण

Janhitexpress
Last updated: 2025/11/30 at 9:57 AM
Janhitexpress
Share
4 Min Read
हिमालय में बढ़ता खतरा: छोटे ग्लेशियर और आइसटोपी बन रहे नई आपदाओं के कारण
SHARE

देहरादून। ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में जारी अंतरराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सम्मेलन के दौरान हिमालयी क्षेत्रों में तेजी से बदल रहे ग्लेशियरों को लेकर वैज्ञानिकों ने गंभीर चेतावनी दी है। विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु परिवर्तन ने उत्तराखंड, सिक्किम समेत पूरे हिमालय में आइसटोपी और ग्लेशियर झीलों के आकार में तीव्र बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अगले वर्षों में विनाशकारी आपदाओं का कारण बन सकती है।

सम्मेलन में वाडिया इंस्टीट्यूट के ग्लेशियर विशेषज्ञ डॉ. राकेश भांबरी ने अपने नवीन अध्ययन प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि सिक्किम में 23 ग्लेशियरों का करीब 5.4% हिस्सा सिकुड़ चुका है, जबकि ग्लेशियर झीलों का क्षेत्रफल लगभग 48% बढ़ गया है। निरंतर पिघलाव के चलते बड़े पैमाने पर मलबा जमा हो रहा है, जो बरसात के दौरान अचानक बहाव से गंभीर संकट खड़ा कर रहा है।
उत्तराखंड के मेरु बमक पर किए गए अध्ययन में भी तेजी से बर्फ पिघलने और आइसटोपी बनने से उत्पन्न खतरे उजागर हुए। यह वही स्थिति है, जिसने अतीत में केदारनाथ जैसी त्रासदियों को जन्म दिया था।

दूसरी ओर, वाडिया इंस्टीट्यूट की वैज्ञानिक डॉ. स्वप्नमिता विदेश्वरम ने धराली क्षेत्र में हुई आपदा पर अपनी रिपोर्ट रखी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र का ऊपरी हिस्सा ‘क्रोनिक लैंडस्लाइड ज़ोन’ में आता है, जहां कई सक्रिय चैनल मौजूद थे। खेरागाड़ क्षेत्र में दो ग्लेशियर कैचमेंट होने से जोखिम और बढ़ गया।
उन्होंने कहा कि ऊंचाई पर मौजूद छोटे–छोटे आइस कोर तब बेहद खतरनाक बन जाते हैं, जब अचानक मोरेन मास का धंसाव होता है। यही कारण था कि 4700 मीटर की ऊंचाई पर मामूली दिखने वाली बर्फ से भी बड़े पैमाने पर मलबा बहकर नीचे आया।

क्या हैं आइसटोपी ग्लेशियर?

विशेषज्ञों के अनुसार यह ऐसे ग्लेशियर होते हैं जिनकी सतह पर मोटी मलबे की परत जमा रहती है और भीतर ठोस बर्फ का कोर छिपा रहता है।

ऊपर जमा मिट्टी-बजरी सूर्य की गर्मी को रोकती है, इसलिए इनका पिघलना सामान्य ग्लेशियरों से अलग होता है।

पिघलने पर सतह असमान दिखाई देती है, छोटे तालाब बन जाते हैं और आइस कोर्ड माउंड्स (आइसटोपी) विकसित हो जाते हैं।

हिमालय में ऐसे ग्लेशियर तेजी से बदल रहे हैं और जलवायु परिवर्तन के संवेदनशील संकेतक माने जाते हैं।

वैज्ञानिकों ने बताए प्रमुख खतरे और सुधार के सुझाव

सटीक भू-मानचित्रण का अभाव: हिमनदियों और अस्थिर ढलानों का अद्यतन मैपिंग नहीं है। 1:10,000 स्केल पर नए जियो-मैप तैयार करने की आवश्यकता है।

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम डेटा सीमित: तापमान, वर्षा और नदियों के बहाव का वास्तविक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं। ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और रिवर सेंसर लगाने की जरूरत।

आपदा प्रक्रिया की अधूरी समझ: जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियर टूटना, ढलानों का धंसना और मलबे के नदी में जाने तक पूरी श्रृंखला का वैज्ञानिक अध्ययन अभी भी अपूर्ण है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि छोटे ग्लेशियरों और आइसटोपी की निगरानी तुरंत शुरू नहीं की गई, तो आने वाले वर्षों में हिमालयी राज्यों में आपदाओं की तीव्रता और बढ़ सकती है।

You Might Also Like

सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित

जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस

खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट

मुख्यमंत्री धामी ने हिन्दुस्तान शिखर समागम-उत्तराखण्ड 2026 में किया प्रतिभाग

अधिकृत वित्त समिति की बैठक में कई विकास परियोजनाओं को मिली स्वीकृति

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Janhitexpress November 30, 2025 November 30, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article मन की बात के 128वें संस्करण को केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सुनते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मन की बात के 128वें संस्करण को केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सुनते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
Next Article देहरादून में एबीवीपी राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न, सीएम धामी ने युवा प्रतिभा को किया सम्मानित देहरादून में एबीवीपी राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न, सीएम धामी ने युवा प्रतिभा को किया सम्मानित
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित
सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित
उत्तराखंड February 25, 2026
जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस
जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस
उत्तराखंड February 25, 2026
खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट
खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट
उत्तराखंड February 25, 2026
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट
देश-विदेश February 25, 2026
- Advertisement -
Ad imageAd image
//
देश -प्रदेश की सभी बड़ी और रोचक ख़बरें पढने के लिए हमसे जुड़े !
Click to Follow us!

पाठको की पसन्द

  • उत्तराखंड में मदरसों के लिए नए नियम लागू, अब धार्मिक शिक्षा देने के लिए प्राधिकरण से लेनी होगी मान्यता
  • गाजा के राफा में सो रहे लोगों पर इजरायली हमला, 37 लोगों की मौत, जानें क्या बोले जो बाइडेन

Important Link’s

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Sitemap

ताजा खबर

  • सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित
  • जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस
  • खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट
Janhit ExpressJanhit Express
Follow US
Copyright @ 2024 Janhit Express, Managed By YDS
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • सम्पादकीय
  • मनोरंजन
  • सनातन
  • Videos
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?