By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Janhit Express

  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
© 2024 Janhit Express
Reading: राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण
Share
Notification
Aa

Janhit Express

Aa
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Janhit Express > Blog > उत्तराखंड > राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण
उत्तराखंड

राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण

Janhitexpress
Last updated: 2025/12/20 at 5:59 AM
Janhitexpress
Share
5 Min Read
राज्य विश्वविद्यालयों को मिला समर्थ पोर्टल का सम्पूर्ण नियंत्रण
SHARE

विभागीय मंत्री डॉ. रावत के निर्देश पर शासन ने की त्वरित कार्यवाही

विश्वविद्यालय स्तर से संचालित होंगी प्रवेश एवं परीक्षा सहित अन्य गतिविधियां

देहरादून- भारत सरकार द्वारा तैयार उच्च शिक्षा के एकीकृत समर्थ पोर्टल के संचालन का अधिकार राज्य विश्वविद्यालयों को पूर्ण रूप से सौंप दिया गया है। इस संबंध में शासन द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। अब राज्य विश्वविद्यालय अपने-अपने स्तर पर छात्र-छात्राओं के प्रवेश, परीक्षा व अन्य शैक्षिक गतिविधियां सम्पादित कर सकेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति व कुलसचिव को सौंपी गई है।

सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों के उपंरात समर्थ पोर्टल के संचालन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी तत्काल प्रभाव से राज्य विश्वविद्यालयों कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, टिहरी तथा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा को सौंप दी गई है। अब राज्य विश्वविद्यालय सम्बद्ध राजकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय परिसरों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश एवं परीक्षा से लेकर विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां अपने स्तर से संचालित कर सकेंगे। अभी तक समर्थ पोर्टल का संचालन शासन स्तर पर राज्य समर्थ टीम (एनईपी-पीएमयू) के द्वारा किया जा रहा था लेकिन इससे छात्र-छात्राओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शासन स्तर से जारी आदेश के तहत सभी राज्य विश्वविद्यालय के द्वारा समर्थ पोर्टल के सभी मॉडयूल के संचालन को समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। पोर्टल संबंधी संचालन की सारी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति व कुलसचिव की होगी, जो किसी भी प्रकार से अन्य को हस्तगत नहीं की जायेगी। प्रत्येक माह पोर्टल की समीक्षा की जायेगी जिसकी रिपोर्ट शासन को आवश्यक रूप से सौंपी जायेगी। छात्र-छात्राओं के प्रवेश हेतु पोर्टल खोलने से पहले विश्वविद्यालय सात दिन पहले इसकी सूचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करेगा साथ ही सामाचार पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया माध्यामों के जरिये इसका प्रचार-प्रसार भी करेगा। इसके अलावा इस संबंध में शासन को भी अवगत कराया जायेगा। उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में समर्थ पोर्टल का ही प्रयोग किया जायेगा। विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में पूर्व से संचालित समस्त ईआरपी/पोर्टल का डाटा 31 मार्च 2026 तक समर्थ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जायेगा इसके उपरांत समर्थ पोर्टल के अतिरिक्त किसी भी दशा में कोई भी ईआरपी/पोर्टल का संचालन नहीं की जायेगी और न ही इस संबंध में कोई भुगतान किया जायेगा।

शासन स्तर से जारी आदेश के तहत सभी राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों को अपना एकेडमिक कैलेण्डर तैयार कर उसे आगामी 31 मई 2026 तक अपनी कार्यपरिषद से अनिवार्य रूप से अनुमोदित कराना होगा तदोपरांत आगामी सत्र के प्रवेश, परीक्षा एवं अन्य प्रक्रियाएं सम्पादित की जायेगी। विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक सेमेस्टर में प्रवेश के उपरांत छात्र-छात्राओं की कक्षाओं का संचालन 90 दिवस तथा 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जायेगी, जिसका डाटा समर्थ पोर्टल पर अपलोड़ करना अनिवार्य होगा। जबकि निजी विश्वविद्यालयों में समर्थ मॉड्यूल लागू होने तक छात्रों की उपस्थिति संबंधित ईआरपी पर अपलोड़ की जायेगी, जिसकी जानकारी शासन को उपलब्ध कराई जायेगी। छात्रों की उपस्थिति व कक्षाओं के संचालन मानक पूर्ण न होने की दशा में छात्रों को किसी भी दशा में परीक्षा में बैठने की अनुमति कतई भी नहीं दी जायेगी। उक्त आदेशों को सुनिश्चित करने के लिये संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, संबंधित संस्थान के प्राचार्य/निदेशक एवं उच्च शिक्षा निदेशक जिम्मेदार होंगे।

बयान
समर्थ पोर्टल के संचालन का अधिकार राज्य विश्वविद्यालयों को दे दिया गया है। जिसका लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में एकेडमिक कैलेण्डर लागू कर प्रत्येक सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं की 75 फीसदी उपस्थिति व 90 दिवस कक्षाओं का संचालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जायेगा। जिसका रिकार्ड समर्थ पोर्टल पर अपलोड़ किया जायेगा। – डॉ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड ।

You Might Also Like

सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित

जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस

खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट

मुख्यमंत्री धामी ने हिन्दुस्तान शिखर समागम-उत्तराखण्ड 2026 में किया प्रतिभाग

अधिकृत वित्त समिति की बैठक में कई विकास परियोजनाओं को मिली स्वीकृति

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Janhitexpress December 20, 2025 December 20, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उठाया मानव–पशु संघर्ष का मुद्दा सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उठाया मानव–पशु संघर्ष का मुद्दा
Next Article उत्तराखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर संसद में उठा सवाल, डॉ. नरेश बंसल ने मांगी परियोजनाओं की स्थिति उत्तराखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर संसद में उठा सवाल, डॉ. नरेश बंसल ने मांगी परियोजनाओं की स्थिति
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित
सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित
उत्तराखंड February 25, 2026
जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस
जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस
उत्तराखंड February 25, 2026
खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट
खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट
उत्तराखंड February 25, 2026
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट
देश-विदेश February 25, 2026
- Advertisement -
Ad imageAd image
//
देश -प्रदेश की सभी बड़ी और रोचक ख़बरें पढने के लिए हमसे जुड़े !
Click to Follow us!

पाठको की पसन्द

  • उत्तराखंड में मदरसों के लिए नए नियम लागू, अब धार्मिक शिक्षा देने के लिए प्राधिकरण से लेनी होगी मान्यता
  • गाजा के राफा में सो रहे लोगों पर इजरायली हमला, 37 लोगों की मौत, जानें क्या बोले जो बाइडेन

Important Link’s

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Sitemap

ताजा खबर

  • सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित
  • जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस
  • खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट
Janhit ExpressJanhit Express
Follow US
Copyright @ 2024 Janhit Express, Managed By YDS
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • सम्पादकीय
  • मनोरंजन
  • सनातन
  • Videos
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?