By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept

Janhit Express

  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
© 2024 Janhit Express
Reading: भारत की राष्ट्रीयता पश्चिमी ‘राष्ट्रवाद’ की अवधारणा से पूरी तरह अलग- आरएसएस प्रमुख
Share
Notification
Aa

Janhit Express

Aa
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Search
  • देश-विदेश
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • सम्पादकीय
  • सनातन
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • खेल
  • मनोरंजन
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Janhit Express > Blog > देश-विदेश > भारत की राष्ट्रीयता पश्चिमी ‘राष्ट्रवाद’ की अवधारणा से पूरी तरह अलग- आरएसएस प्रमुख
देश-विदेश

भारत की राष्ट्रीयता पश्चिमी ‘राष्ट्रवाद’ की अवधारणा से पूरी तरह अलग- आरएसएस प्रमुख

Janhitexpress
Last updated: 2025/11/29 at 8:37 AM
Janhitexpress
Share
2 Min Read
भारत की राष्ट्रीयता पश्चिमी ‘राष्ट्रवाद’ की अवधारणा से पूरी तरह अलग- आरएसएस प्रमुख
SHARE

मोहन भागवत बोले— झगड़ा भारत का स्वभाव नहीं, समरसता हमारी संस्कृति की पहचान

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत की मूल पहचान सदैव भाईचारे, सहअस्तित्व और सामाजिक सद्भाव की रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद और टकराव भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं रहे हैं, बल्कि संवाद और आपसी समझ हमारी परंपरा की आधारशिला हैं।

“भारत की परंपरा संघर्ष नहीं, समरसता की रही है” – भागवत

अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि भारतीय समाज किसी से टकराव की भावना नहीं रखता। उन्होंने कहा, “हमारी किसी से बहस नहीं होती। हम विवादों से दूर रहते हैं। झगड़ा करना हमारे देश का स्वभाव ही नहीं है। मिल-जुलकर रहना और भाईचारे को बढ़ावा देना ही हमारी परंपरा है।”

आरएसएस प्रमुख ने यह भी कहा कि दुनिया के कई क्षेत्रों में संघर्ष की परिस्थितियों से समाज विकसित हुआ, जहां एक विचार हावी होने पर अन्य विचारों को पूरी तरह नकार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर विविध सोच के लिए जगह नहीं होती और उन्हें अक्सर ‘…इज्म’ कहकर सीमित कर दिया जाता है।

“भारतीय राष्ट्र का विचार पश्चिमी सोच से भिन्न है”

मोहन भागवत ने अपने भाषण में भारतीय राष्ट्रीयता की अवधारणा पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी दुनिया अक्सर भारत के राष्ट्र संबंधी विचार को समझ नहीं पाती, इसलिए उसे ‘राष्ट्रवाद’ कहकर परिभाषित कर देती है।

भागवत ने कहा, “भारत प्राचीन काल से एक राष्ट्र रहा है। हमारे यहाँ राष्ट्र का भाव गर्व या अहंकार से नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, संस्कृति और प्रकृति के साथ सहअस्तित्व से उपजा है। हम ‘राष्ट्रीयता’ शब्द का उपयोग करते हैं, ‘राष्ट्रवाद’ का नहीं।”

उन्होंने कहा कि अत्यधिक राष्ट्रवादी गौरव से दुनिया दो विश्वयुद्ध झेल चुकी है, इसलिए कुछ लोग इस शब्द को लेकर आशंकित रहते हैं। वहीं भारत का राष्ट्रीय बोध शांत, समावेशी और संतुलित विचारों पर आधारित है।

You Might Also Like

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट

रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस जंगल में क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

एआई समिट के दौरान यह प्रदर्शन अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत किया गया- संबित पात्रा

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान—एलियंस और UFO से जुड़ी फाइलें होंगी सार्वजनिक

अब AI कंटेंट पर लगाना होगा लेबल, भारत सरकार के नए नियम लागू

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Janhitexpress November 29, 2025 November 29, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article ‘धुरंधर’ का नया गाना ‘गहरा हुआ’ रिलीज, रणवीर–सारा की रोमांटिक केमिस्ट्री ने जीता दिल ‘धुरंधर’ का नया गाना ‘गहरा हुआ’ रिलीज, रणवीर–सारा की रोमांटिक केमिस्ट्री ने जीता दिल
Next Article अशासकीय शिक्षकों की समस्याओं को लेकर शिक्षा मंत्री से मिला शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल अशासकीय शिक्षकों की समस्याओं को लेकर शिक्षा मंत्री से मिला शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित
सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित
उत्तराखंड February 25, 2026
जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस
जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस
उत्तराखंड February 25, 2026
खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट
खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट
उत्तराखंड February 25, 2026
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी समुदाय का अपमान करना स्वीकार्य नहीं- सुप्रीम कोर्ट
देश-विदेश February 25, 2026
- Advertisement -
Ad imageAd image
//
देश -प्रदेश की सभी बड़ी और रोचक ख़बरें पढने के लिए हमसे जुड़े !
Click to Follow us!

पाठको की पसन्द

  • उत्तराखंड में मदरसों के लिए नए नियम लागू, अब धार्मिक शिक्षा देने के लिए प्राधिकरण से लेनी होगी मान्यता
  • गाजा के राफा में सो रहे लोगों पर इजरायली हमला, 37 लोगों की मौत, जानें क्या बोले जो बाइडेन

Important Link’s

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Sitemap

ताजा खबर

  • सतत विकास लक्ष्यों, डाटा इकोसिस्टम, पीएम गतिशक्ति एवं विजन-2047 पर कार्यशाला आयोजित
  • जिलाधिकारी ने ली जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक, पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर रहा फोकस
  • खेल के दौरान हुआ विवाद, किशोर ने 12 वर्षीय बच्चे के सिर पर डंडे से वार कर उतारा मौत के घाट
Janhit ExpressJanhit Express
Follow US
Copyright @ 2024 Janhit Express, Managed By YDS
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • पर्यटन
  • सम्पादकीय
  • मनोरंजन
  • सनातन
  • Videos
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?